Types of Condom Available in India : कंडोम कितने प्रकार के होते है जानिए भारत कैसा कंडोम मिलता है

 Types of Condom Available in India :कंडोम कितने तरह के होते है या  कंडोम के प्रकार कितने होते है

 Types of Condom Available in India:   महिला व पुरुष दोनों के लिए कंडोम अलग अलग प्रकार के आते है आज के समय में लोग एक दुसरे के साथ यौन संबंध बनाना चाहता है लेकिन समझदार वाही है जो प्रोटेक्शन का उपयोग करे  | जिसमे पुरुष में कंडोम पेनिस में लगता है वही महिलाओ में कंडोम योनि में डालते है | इसके अलाव लम्बे समय तक सेक्स करने के लिए इस्तिमाल में लाये जाने वाले कंडोम को डेटल डैम कहा जाता है | ये तीनो ही प्रकार के कंडोम मार्केट में उपलब्ध है |

how to use condom
how to use condom

 

 

कंडोम के उपयोग से अनचाहे गर्भ ,यौन संचारित रोगों और यौन से संबंधित बीमारियों से इसके उपयोग से बचा जा सकता है सबसे अछे बर्थ कट्रोल विकल्पो में से एक है  कंडोम वीर्य और हमारे शरीर अन्य तरल पदार्थ को योनि एनस या मुह से बाहर निकलते है |

पुरुष अपने सेक्स को लम्बे समय तक बढ़ाने के लिए सेक्स इक्रिज आयल को मार्केट से खरीदते है |

 

Types of Condom

कंडोम आमतौर पर लेटेक्स से बनाया जाता है , जो एक प्रकार का रबड़ होता है | लेटेक्स एनर्जी वाले लोग पालीयुरेथेंन , नाइट्राइल या लैम्बस्किन से बने कंडोम का उपयोग करते है | आम तौर पर तीन तरह के कंडोम होता है

  1. रेगुलेट ( मेल ) कंडोम
  2. ईटरनल ( फिमेल ) कंडोम
  3. डेटल डैम

रेगुलर मेल कंडोम का उपयोग किस तरह होता है

रेगुलर में कंडोम को सेक्स करने से पहले पेनिस में पहना जाता है | इसे एक्सटरनल कंडोम भी कहते है | जब सेक्स करते है तो स्पर्म और अन्य तरल पदार्थ कंडोम में जमा हो जाता है और योनि से स्पर्म में जाने से रोकता है रेगुलर कंडोम कई तरह के होते है जैसे –

  1. लेटेक्स कंडोम
  2. पालीयुरेथेन या पालीसोप्रोन नामक प्लास्टिक से बने कंडोम
  3. लैम्बस्किन से बने कंडोम
  4. लुब्रिकेशन या ल्यूब कंडोम
  5. स्परमिसिडिस कोटेड कंडोम
  6. फ्लेवर्ड कंडोम
  7. टेक्सचर्ड कंडोम
  8. ग्लो – इन – द – डार्क कंडोम
  9. नोवेल्टी कंडोम

 

फिमेल के लिए इटरनल कंडोम
फिमेल के लिए इटरनल कंडोम

स्पर्म को गर्भाशय में जाने रोकने के लिए इटरनल कंडोम का उपयोग किया जाता है इटरनल कंडोम को योनि के अन्दर लगाया जाता है | इसका उपयोग महिलाए या फिमेल करते है , और इस लिए फिमेल कंडोम भी कहा जाता है | इटरनल कंडोम को आसानी से योनि के अन्दर से बहार निकलने के लिए इसके ऊपर एक साफ्ट, लचीला रिंग बहार रहती है | इटरनल कंडोम नाइट्राइल नामक सिथेटिक , नान-लेटेक्स मटीरियल से बने होते है यह प्री – लुब्रिकेटेड होता है |

 

 क्या होता है डेटल डैम

डेटल डैम को  बहुत ही लम्बे समय के लिए सेक्स करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है | यह एक पलती लेटेक्स या पालीयुरेथें शीट होती है , किसी व्यक्ति के मुह या साथी के जनंनागो के बीच एक रूकावट पैदा करती है | डेटल सिम एसटीडी जैसे ह्युमन पेपिलोमा वायरस के जोखिम को कम करता है |

पुरुषो के संभोग के क्षमता को बढ़ाने का सुरक्षित और आसान तरीका है आयुर्वेदिक टेस्टोस्टोरोंन बूस्टर दवा है |

 

कंडोम खरीदते समय ध्यान देने वाली प्रमुख बाते

कंडोम को खरीदते समय इस बात क जरुर ध्यान रखे की उसे किस सामग्रियों से बनाया गया है | कंडोम के पैकेट में लिख होता है कि आपके और आपके साथी को कंडोम के इस्तेमाल हो रहे किसी भी सामग्री से किसी भी प्रकार का कोई एलर्जी नही है इसके अलाव कंडोम का एक्सपायरी डेट जरुर चेक करे | इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखे की रेगुलर कंडोम व इटरनल कोंडोम में से किसी भी एक का इस्तेमाल करे |

इसी तरीके के जानकारी के लिए हमारे सोसल मिडिया प्लेट फॉर्म sujhaw24.com को जरुर फोलो करे |

 

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