ipl history | आईपीएल से बाहर हो चुकी टीमें
ipl history : आईपीएल के 18वें सीजन की शुरुआत कल अर्थात 22 मार्च 2025 को होने जा रही है इस साल के आईपीएल में कुल मिलाकर 10 टीमें भाग लेने जा रहा है | यह भारत का सबसे लम्बा चलने वाला क्रिकेट टूर्नामेंट है | इसे पुरे भारत में उत्सव की तरह मनाया जाता है | आईपीएल में कई देश के महान खिलाड़ी भाग लेते है | इसका पुरे देश में अपना एक अलग हो रोमांच होता है |
कोलकाता नाईटराइडर्स और रॉयल चैलेंजर बैंगलोर के बीच कोलकाता में ओपनिंग मैच खेला जायेगा |ये दोनों टीम 2008 में खेले गये आईपीएल के पहले सीजन से टूर्नामेंट का हिस्सा है | इस बार आईपीएल में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी | लेकिन 10 साल के आईपीएल इतिहास में 5 टीमें ऐसे भी रही जो अब इस टूर्नामेंट से हट चुकी है | इनमे से एक के खिलाफ तो सचिन तेंदुलकर ने अपना इकलौता आईपीएल शतक भी लगाया है | वही इस लिस्ट में एक टीम ऐसी भी है जो चैम्पियन बनाने के बावजूद भी गायब हो गयी है |

कोच्ची टस्कर्स केरल
kochi tuskers kerala : रोवेदु स्पोर्ट्स वर्ल्ड कंपनी ने साल 2010 में 1555 करोड़ रुपये में कोच्ची टीम खरीदी थी | साल 2011 के सीजन में टीमों को बढ़ाकर 10 किया गया | कोच्ची इस आईपीएल टूर्नामेंट की 9वीं टीम थी | महेला जयवर्धने की कप्तानी में टीम के पास ब्रेंडन मैक्कुलम , रविन्द्र जटेजा , मुथैया मुरलीधरन , आरपी सिंह और श्रीसंत जैसे स्टार खिलाडी इस टीम में मौजूद थे | इसके बावजूद यह टीम उस साल 14 में से केवल 6 मैच ही जीत सकी थी | और उस साल यह टीम पॉइंट टेबल में 8 नम्बर पर रही थी |
कोच्ची ने केवल एक ही सीजन खेला लेकिन उनके खिलाफ क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने अपना इकलौता T-20 शतक भी लगाया था | 15 अप्रैल साल 2011 को वानखेड़े स्टेडियम में सचिन ने मुंबई इंडियन्स की और खेलते हुए यह शतक लगाया था | यह टीम केवल एक सीजन खेल सकी थी इसके बद यह टीम इस टूर्नामेंट से हमेशा के लिए गायब हो गयी |
क्यों गायब हुयी कोच्ची की टीम ?
इस फ्रेंचाइजी के मालिक बीसीसीआई की बैंक गारंटी की रीन्यू नही करा सकी थी | 26 मार्च 2011 तक मालिक को गारंटी बैंक में जमा करना था बोर्ड ने करीब 6 महीने तक इन्तजार किया लेकिन उन्हें कांट्रेक्ट के 156 करोड़ रूपये नही मिले | जिस कारण बीसीसीआई ने 19 सितम्बर 2011 को एनुअल मीटिंग में टीम को टर्मिनेट कर दिया | टीम के सभी खिलाडियों को औक्शन में उतारा गया ताकि उनका कोई नुकसान न हो कोच्ची टस्कर्स केरल के चेयरमैन मुकेश पटेल ने कहा था की फ्रेचाइजी पर बीसीसीआई का कुछ भी बकाया नही है और वही बीसीसीआई ने आरोप लगाया था की फ्रेचाइजी में बोर्ड का 156 करोड़ नही चुकाया है |
पुणे वारियर्स इंडिया
why pune warriors india : सहारा इंडिया ने साल 2010 में पुणे बेस्ड फ्रेंचाइजी को करोब 1700 करोड़ रूपये में ख़रीदा था | साल 2011 के आईपीएल जुड़ने वाली पुणे वारियर्स इंडिया इस टूर्नामेंट की 10वी टीम थी | युवराज सिंह , सौरव गांगुली , और एरन फिंच जैसे खिलाडियों ने इस टीम की कप्तानी की थी | रोबिन उथप्पा , भुवनेश्वर कुमार , मनीष पांडे , स्टीव स्मिथ , और आशीष नेहरा जैसे खिलाडी इस टीम का हिस्सा थे |इसके बावजूद भी पुणे वारियर्स इंडिया 3 सीजन में केवल 26% मैच ही अपने नाम कर सकी थी | यह टीम हर बार 8वें या 9वें नम्बर पर ही रही थी |

क्यों गायब हुयी पुणे वारियर्स इंडिया ?
why pune warriors india banned : फ्रेचाइजी के मालिक सुब्रत रॉय ने साल 2013 में 170.2 करोड़ रूपये की बैंक गारंटी रीन्यू नही करा सके थे | इसकी डेडलाइन 2 मई थी बीसीसीआई ने 20 मई तक उनका इंजतार किया | और फिर पिछली गारंटी के पैसे अपने खाते में ट्रांस्फर करा लिए | बीसीसी आई की इस कदम के बाद सुब्रत रॉय ने आईपीएल से से अपनी टीम का नाम वापस ले लिया 26 अक्टूबर को बीसीसीआई ने भी पुणे वोरियार्स को तेर्मिनेट कर दिया |
डेक्कन चार्जर्स
deccan chargers team 2009 : डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड में 1000 करोड़ रुपये में डेक्कन चार्जर्स फ्रेचाइजी को खरीद लिया | टीम साल 2008 से यानी आईपीएल के पहले सीजन से टूर्नामेंट का हिस्सा थी | एडम गिलक्रिस्ट , और कुमार संगाकारा , की कप्तानी में टीम ने 5 सीजन खेला | डेल स्टेन , रोहित शर्मा , सायमंड्स , हर्शेल गिब्स , प्रज्ञान ओझा , शाहिद अफरीदी , जैसे खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा थे | इसके बावजूद टीम केवल 38 प्रतिशत मैच ही जीत सकी थी |

deccan chargers team : इस टीम का सबसे बेस्ट सीजन तो साल 2009 में ही आगे था जन टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका में खेला गया | तब टीम ने चौथे स्थान पर फिनिश कर सेमीफाइनल में जगह बनाई | गिलक्रिस्ट की कप्तानी में टीम ने दिल्ली को सेमीफाइनल में और को फाइनल में हरा कर टाइटल अपने नाम किया था | टीम ने साल 2010 के सेमीफाइनल में भी जगह बनाई थी लेकिन वे चेन्नई से हारकर बहार हो गयी | इन 2 सीज़न को छोड़कर टीम हर बार 7वें या 8वें स्थान पर रही थी |
क्यों बाहर हुयी डेक्कन चार्जर्स की टीम
deccan chargers history ipl : जून 2012 में खबरे फैलने लगी डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड अपनी फ्रेचाइजी बेच रही है | अगस्त तक टीम अपने खिलाडियों को सैलरी तक नही दे सकी थी और उनपर टूर्नामेंट से जुडा कर्ज बढता जा रहा था टीम 100 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी रीन्यू नही करा सकी थी | फ्रेंचाइजी हाई कोर्ट पहुँच गयी उन्होंने कर्ज चुकाने का अक्टूबर तक समय माँगा |
12 अक्टूबर साल 2012 को बीसीसीआई डेक्कन चार्जर्स ने इस टीम को ऑफिशियली टर्मिनेट कर दिया |14 अक्टूबर को टीम खरीदने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया | 25 अक्टूबर को सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड ने हैदराबाद की फ्रेचाइजी को 5 साल के लिए 425 करोड़ रुपये में खरीद लिए टीम का नाम सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) रखा गया | deccan chargers के खिलाड़ी ही साल 2013 में सनराइजर्स टीम का हिस्सा बने |
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