Inflation : महंगाई पहले और अब देखिये धीरे-धीरे कैसे बढ़ रहा है

Inflation : महंगाई

Inflation या मुद्रास्फीति का अर्थ है उन वस्तुओ और सेवाओ की कीमतों में वृद्धि जो एक घर चलने के लिए जरुरी है और उनकी कीमते बढती रहती है और कम भी होती रहती है आज हम इसी के बारे में सब कुछ जानेंगे की कैसे महंगाई बढ़ रही है पहले क्या था और अब क्या हाल है| सबसे पहले महंगाई का सीधा असर आम लोगो की जीवनशैली पर पड़ता है, जब मांग जो है आपूर्ति से ज्यादा होती है तब भी महंगाई बढती है जैसे पेट्रोल के दाम आदि| जितनी महंगाई बढ़ेगी उतना लोगो के लिए कठिनाइयाँ पैदा करेगी|  हर साल Inflation का एक लक्ष्य निर्धारित किया जाता है और जब यह महंगाई इस स्तर से आगे बढ़ जाता है तो इसका मतलब उत्पादन कम हो रहा है या अपने लोभ के कारन उसका वस्तु का रेट बढ़ा देते है| जब उत्पादन कम हो जाता है तो केन्द्रीय बैंक ब्याज दरे बढ़ा डेटा है और जब यह सामान्य हो जाता है तो दरे घटा भी देता है| महंगाई का स्तर पिछले एक साल से ऊपर है खाने-पीने की चीजो से लेकर पेट्रोल डीजल तक के दाम उपरी स्तरों तक बना हुआ है सरकार इसके दाम को कम नहीं कर रही है|

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Inflation Rate

भारत में महंगाई : Inflation in india

Inflation in india पहले की तुलना में बहुत बढ़ गयी है इसका मुख्य कारण जनसँख्या वृद्धि है| जिसके कारण संसाधनों का दोहन अत्यधिक बढ़ रहा है और संसाधनों की कमी के कारण महंगाई बहुत बढ़ रही है ये एक पहलु है इसके अलावा और भी बहुत से कारण है जिसके कारन भारत में महंगाई बढ़ रही है| भारत में महंगाई की सबसे ज्यादा दरे 1970 के दशक में थी उस दौरान पेट्रोल, डीजल, खाद्य पदार्थो और अन्य जरुरी वस्तुओ की कीमते बहुत तेजी से बढ़ी थी| 1974 में भारत में महंगाई का सर्वोच्च रिकॉर्ड देखा गया | 1991 में महंगाई 13.9% पर पहुँच गया था हालांकि उसके बाद धीरे धीरे महंगाई कम हो गयी| भारत में वार्षिक मुद्रास्फीति दर 1960 से 2023 तक औसतन 7.37% था| 1974 में यह 28.60% के सबसे उच्च स्तर पर पहुँच गया था| फिर 1976 में यह -7.63% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया था| 2012-2024 तक भारत में मुद्रास्फीति दर औसतन 6.00% था| नवम्बर 2013 में यह 12.17% के फिर उच्चत्तम स्तर पर पहुँच गया उसके बाद 2017 में जून में यह 1.54% के निचले स्तर पर पहुँच गया|

महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण : main reasons for increasing inflation :-

  • महंगाई का मूल कारन आपूर्ति या संसाधन की कमी और उसकी मांग का ज्यादा होना है|
  • जब लोग ज्यादा कमाते है और वेतन भी ज्यादा मिलता है तब घरेलु आय भी बढती है जिसके कारन उपभोक्ता खर्च बढ़ता है इसके कारन कंपनिया अपने सामान और सेवाओ की कीमते बढ़ा देती है|
  • 2021-2022 के दौरान श्रम बाजार सख्त हुआ है जिससे रिक्त नौकरिया और बेरोजगारी का अनुपात बढ़ने से भी मुख्य महंगाई बढ़ी है|
  • रूस-युक्रेन युद्ध इ वजह से कच्चे तेल के दामो में भरी उछाल आया है| पेट्रोल, डीजल, LPG, CNG, PNG आदि की कीमतों में बहुत बढ़ोतरी हुई है|
  • अल नीनो के कारन के 2023 में मानसून वर्षा पांच साल के निचले स्तर पर पहुँच गया जिसके कारन कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ |
  • सबसे मूल वजह जनसँख्या के बढ़ने के कारन है इस वजह से लोगो की संख्या में तो वृद्धि हो रही है पर संसाधन में कमी हो रही है और इंसानों के अतिदोहन की वजह से भी महंगाई बढ़ रही है|
  • सरकारे,नेता भी इसमें कही न कही शामिल है क्योंकि वो लोग अपने लोभ या अपने पार्टी के लिए बहुत सारे पैसो का उपयोग करते है और उन्हें बहुत से प्रोग्राम करने के लिए भी पैसो की आवस्यकता होती है इन सब वजहों से भी जिसकी सरकार होती है वो कुछ चीजो का रेट बढ़ा देते है जिससे उनके पास पैसा आ जाये|
  • जैसे की कच्चे तेल का दाम कम हो गया है लेकिन सरकार भारत में इसे कम नहीं कर रही है|
  • मुनाफाखोरी जमाखोरी के कारण |
  • मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि और उत्पादन में कमी |
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भारत में महंगाई का स्तर : inflation level in india

भारत में महंगाई दर पिछले दो सालो में रिकॉर्ड स्तर पर कम है फिर भी वर्तमान स्थिति में और कम होने चाहिए| महंगाई दर वाले देशो की सूचि में भारत का स्थान 17 वां है| भारत में महंगाई दर 5.1% है| बैंक ऑफ बड़ोदा की रिपोर्ट के अनुसार महंगाई के मामले में शीर्ष देशो में भारत तीसरे स्थान पर है इस रिपोर्ट के अनुसार रूस और दक्षिण अफ्रीका महंगाई में सबसे ज्यादा प्रभावित है| इससे पता चलता है की भारत में महंगाई कितनी अधिक है यहाँ तो छोटे से नेता से लेकर बड़े बड़े अधिकारी के बहुत पैसे है जिसके कारन वो लोग कभी महंगाई के ऊपर बात नहीं करते | सबसे ज्यादा प्रभाव गरीब और माध्यम परिवार वाले को पड़ता है| साल 2014 में खुदरा Inflation rate  8.33% थी|  साल 2023 में खुदरा महंगाई दर 5.55% रहा था फिर अक्टूबर 2023 में यह 4.87% थी उसके बाद जुलाई 2023 में यह 7.44% तक पहुँच गया था|

वर्तमान में : in present :- 

भारतीय रिजर्व बैंक ने अनुमान लगाया है की वित्त वर्ष 2024-2025 में मुद्रास्फीति 4.5% रहेगा| जनवरी 2024 में खुदरा महंगाई दर घटकर 5.10% पर आ गयी| इसी के साथ जनवरी 2024 में ही खाद्य महंगाई दर 2023 की तुलना में कम है जो 2023 9.35% था वह 2024 में 8.30% हो गया लेकिन यह अभी भी पहले के मुताबिक कम नहीं है| वर्तमान में महंगाई बहुत है जिसमे पेट्रोल, डीजल, तेल तकनिकी यंत्र आदि आते है|

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